तालाब की बातें

तालाब की बातें
जल है तो जीवन है

शुक्रवार, 11 जुलाई 2014

Heavy ship can hurt Ganga

यदि गंगा में बनारस से कोलकता तक बडे पानी के जहाज चलेंगे तो क्‍या पर्यावरण सुधरेगा ? मुझे लगता है कि जहाज चलने से जल जीव ज्‍यादा मरते हैं, मछली, कछुए तो नदी की जान होते हैं और जहाज चलने से तेल रिसने व जलने से प्रदूषण अधिक होता है, लगता है कि गंगा का इस तरह से विकास करने पर फिर से विचार करना चाहिए] प्रस्‍तावित रास्‍ता 1620 किलामीटर का है पटना हाेतु हुए हल्दिया तक का , जहाज चलाने के लिए गहरे पानी की जरूरत होती है और इसके लिए ड्रजिंग की जाती है, कई बार गहराई से ड्रेजिंग करने पर भूजल की झिरों को नुकसान होता है, जिससे सब बेसिन के भूजल भंडार सूख जाते हैं, गंगा पहाड से आती है और अपने साथ बहतु सा मलवा और रेत लाती है जो मैदानेां पर आ कर टिकता है, कई जहग इससे उपजाउ जमीन बनती है, ऐसे में गंगा के नैसर्गिक स्‍वरूप से छेडछाड करना खतरनाक हो सकता है

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